जमानत से बाहर आते ही गूंजा जनसंघर्ष का स्वर
महुदा : बाघमारा क्षेत्र की राजनीति और मजदूर आंदोलन में उस समय नई ऊर्जा का संचार हो गया, जब बीसीसीएल खरखरी कोलियरी के बहुचर्चित हिलटॉप कंपनी गोलीकांड में आजसू पार्टी के जिला प्रधान सचिव एवं सांसद प्रतिनिधि रामा शंकर तिवारी को न्यायालय से जमानत मिल गई। धनबाद मंडल कारा से उनकी रिहाई केवल एक व्यक्ति की मुक्ति नहीं, बल्कि जनआवाज़ और जनसंघर्ष की पहली न्यायिक विजय के रूप में देखी जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी की सशक्त और प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने श्री तिवारी को जमानत प्रदान की। जैसे ही उनकी रिहाई की सूचना फैली, बाघमारा क्षेत्र से समर्थकों का सैलाब जेल गेट पर उमड़ पड़ा। फूल-मालाओं से लदे समर्थकों ने जोशीले नारों “हक़ नहीं छोड़ेंगे, लूट नहीं सहेंगे” के साथ अपने नेता का भव्य स्वागत किया। रिहाई के पश्चात उनके सम्मान में समर्थकों ने बीसीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग व्यवस्था की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ स्पष्ट चेतावनी दी। एक स्वर में ऐलान किया गया कि अब मनमानी और शोषण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक हीरा लाल महतो, सांसद प्रतिनिधि कौशल किशोर महतो, आशीष तिवारी, प्रखंड अध्यक्ष राकेश गयाली, केंद्रीय सदस्य मनीष सिंह, मुकेश महतो, सौरभ महतो, प्रेम तिवारी, खरखरी मुखिया कुन्दन रजक, मजदूर नेता चंडी गयाली, शेख तोहिद सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, मजदूर, युवा और ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि विस्थापितों, रैयतों और बेरोजगार युवाओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य की निर्णायक लड़ाई है। बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनियों की मनमानी के खिलाफ आजसू पार्टी हर स्तर पर डटकर मुकाबला करेगी। प्रशासनिक संरक्षण में हो रहे अन्याय का जवाब संगठित जनसंघर्ष से दिया जाएगा। न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है—अंततः विजय जनता की होगी।
रामा शंकर तिवारी: आजसू जिला प्रधान सचिव सह सांसद प्रतिनिधि।









