अवैध वसूली के आरोपों से घिरे करमाटांड़ थाना प्रभारी, हटाने की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी
करमाटांड़ (जामताड़ा)। करमाटांड़ थाना प्रभारी चंदन तिवारी पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। आरोपों से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने थाना प्रभारी को तत्काल पद से हटाने की मांग तेज कर दी है। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा।
जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मंडल ने थाना प्रभारी पर मनमानी और गैरकानूनी तरीके से अवैध वसूली कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से कुछ कथित दलालों के माध्यम से लोगों को उठाने का काम किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें डरा-धमकाकर अवैध रूप से पैसे वसूले जाते हैं। सुरेंद्र मंडल ने इस तरह की कार्यशैली को कानून के शासन के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे आम जनता में भय का माहौल बन रहा है।
सुरेंद्र मंडल ने विगत दिनों कालाझरिया होटल के समीप हुई घटना का उल्लेख करते हुए उसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि उक्त घटना ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिप सदस्य ने मांग की कि एक सप्ताह के भीतर करमाटांड़ थाना प्रभारी को पद से हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो करमाटांड़ के सुभाष चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर चक्का जाम किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पूर्व भी कई घटनाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले से अवगत कराया गया है। बावजूद इसके थाना प्रभारी ने अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं किया, जिससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मंडल ने भी पूरे मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और कुछ जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में इस तरह के गैरकानूनी कार्य किए जा रहे हैं। राजेंद्र मंडल ने कहा कि अवैध वसूली कर भोली-भाली जनता को परेशान करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भी चेतावनी दी कि यदि थाना प्रभारी को नहीं हटाया गया तो पार्टी सड़क जाम जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होगी।
फिलहाल करमाटांड़ थाना प्रभारी पर लगे आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।









