सारठ के पूर्व कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह पहुंचे जियालजोरी

 

कर्माटांड़ प्रखंड के जियालजोरी गांव में आयोजित ऐतिहासिक आगन काली पूजा के अवसर पर आज सारठ के पूर्व कृषि मंत्री एवं पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह का भव्य स्वागत किया गया। गांव में आयोजित यह सार्वजनिक काली पूजा लगभग पाँच सौ वर्षों से चली आ रही परंपरा है, जिसमें हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इसी परंपरा को निभाते हुए स्थानीय लोगों ने इस वर्ष भी मां काली की पूजा-अर्चना बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ की।

पूर्व मंत्री रणधीर कुमार सिंह रात्रि आठ पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मां काली के मंदिर में उन्होंने माता ठेका चढ़ाकर गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गया।

रणधीर कुमार सिंह के आगमन पर उनकी समर्थक टीम—रणधीर सेना—पूरी तरह सक्रिय दिखी। सैकड़ों की संख्या में युवा, बुजुर्ग और गांव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ उनके स्वागत में जुटे रहे। जियालजोरी गांव की गलियों से लेकर पूजा स्थल तक एक लंबी स्वागत रैली देखी गई, जिसमें कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। समर्थकों ने फूल-मालाओं और पारंपरिक तरीके से पूर्व मंत्री का अभिनंदन किया।

स्वागत कार्यक्रम में अजीत मंडल, अशोक मंडल, मनोज मंडल, उज्ज्वल मंडल, भीम मंडल, मनु मंडल, परिमल मंडल सहित सैकड़ों ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गांव की इस ऐतिहासिक पूजा को सफल बनाने में सहयोग दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रणधीर कुमार सिंह लंबे समय से इस क्षेत्र के लोगों से जुड़े रहे हैं और हर साल इस पूजा में उनकी सहभागिता गांव के प्रति उनके लगाव को दर्शाती है।

पूजा स्थल पर स्थानीय लोगों ने पूर्व मंत्री को गांव की समस्याओं, सड़क और सिंचाई से जुड़ी जरूरतों और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों से भी अवगत कराया। रणधीर कुमार सिंह ने सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जियालजोरी गांव की काली पूजा अपनी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत के कारण पूरे क्षेत्र में विशेष स्थान रखती है।

उन्होंने यह भी कहा कि “मां काली की कृपा से जामताड़ा और सारठ क्षेत्र की खुशहाली बनी रहे। मैं हमेशा यहां के लोगों के सुख-दुख में साथ रहा हूं और आगे भी रहूंगा।”

पूरे कार्यक्रम के दौरान गांव में उत्सव का माहौल बना रहा। श्रद्धालु मां काली के दर्शन के लिए उमड़ते रहे और पूजा-अर्चना, दंडी नृत्य और पारंपरिक तरीके से बलि प्रथा का आयोजन भी किया गया। जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

समग्र रूप से देखा जाए तो आज का दिन जियालजोरी गांव के लिए बेहद खास रहा—जहां भक्ति, परंपरा और राजनीतिक उपस्थिति तीनों का अनूठा संगम देखने को मिला। रणधीर कुमार सिंह का आगमन कार्यक्रम की रौनक और भी बढ़ा गया और उनके समर्थकों का उत्साह पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *