हाता में रेलवे अंडरपास bna परेशानी का सबब
हाता स्थित विद्याभारती इंग्लिश स्कूल और मोहन पुरम के पास रेल विभाग ने दुर्घटना और विभाग का खर्च कम करने के लिए चेक पोस्ट को हटाकर अंडर पास का निर्माण किया जो आज आम जनता के लिए गले की हड्डी बन गई है. ज़ब चैक पोस्ट था तब आवागमन के लिए कोई दिक्क़त नहीं थी. वर्तमान अंडरपास से नुआग्राम,मोहनपुरम, चापी, गंगाडीह के लोग प्रतिदिन आना जाना करते है. इसके अलावे विद्या भारती इंग्लिश स्कूल, गिरी भारती हाई स्कूल हलुद पुकुर, नेताजी पब्लिक स्कूल गंगाडीह, विद्या निकेतन हाई स्कूल गंगाडीह, नुयाग्राम प्रार्थमिक विद्यालय के छात्र छात्राएं और शिक्षक शिक्षिकाये भी रोज आना जाना करते है. हमेशा अंडर पास में दुर्घटना घटने की संभावना रहती है और दुर्घटना घटती भी है. जनता के हित के लिए इसलिए नुया ग्राम के कुछ बुद्धिजीवी और समाजसेवीयों ने अंडर पास का बिरोध भी किया था. पत्राचार भी किया था. रेल विभाग के उच्च अधिकारियो से भी मिले थे. जनप्रतिनिधि यों को भी आवेदन निवेदन किया गया था लेकिन जनता की आवाज शुनने के लिए कोई तैयार नहीं थे. अंत में रेल विभाग ने अंडर पास बना ही दिया जो आज जनता के लिए सिरदर्द बन चूका है. इस सन्दर्भ में समाज सेवी सह शिक्षाविद शंकर चंद्र गोप कहते है,,, हमलोग शुरू से ही अंदर पास का बिरोध कर रहे थे लेकिन उस समय कोई हमें साथ नहीं दिया. हमलोग अपने स्तर से लड़ाई किया, उच्च अधिकारियो से भेट मुलाक़ात किया, पत्राचार भी किया लेकिन कोई कुछ नहीं सुना. आज सारे जनता रेल विभाग का जिद से परेशान है. साहित्यकार सह समाजसेवी सुनील कुमार दे ने कहते है,,, अंडर पास आज सचमुच जनता के लिए गले की हड्डी बन चुकी है. अंडर पास के चलते आम जनता और स्कूली बच्चे परेशान है. नित्य छोटी मोटी दुर्घटना घट रही है. वर्तमान समय में भीतर में लोहा उखड़ गई है. अंदर में सर्दी का सीजन में भी पानी जम रहा है. बरसात में नाला बन जाती है. विकट स्थिति है अंडर पास को लेकर. छोटानागपुर कॉलेज के अबसर प्राप्त प्राचार्य सरोज कुमार कुंडू कहते है,,, सरकार का कोई भी स्कीम जनहित में होना चाहिए, जनता को तकलीफ देने के लिए नहीं. ज़ब चैक पोस्ट था तब जनता का कोई दिक्क़त नहीं थी. जब से अंडर पास बना है तब से समस्या ही समस्या है. संध्या के समय इस रास्ते से आवागमन करने डर लगता है. चोरी छिंतई भी हमेशा होते रहता है. अंडर पास ने नुआग्राम का महत्व को ही ख़त्म कर दिया है. सरकार अविलम्ब इसकी व्यवस्था की जाए l










