तेतरियाखांड कोलियरी के कोयला स्टॉकयार्ड में लगी भयावह आग, समय रहते नहीं बुझाया तो विस्थापित परिवारों के लिए गंभीर खतरा
बालूमाथ। राजहरा एरिया अंतर्गत बालूमाथ स्थित सीसीएल की तेतरियाखांड कोलियरी के कोयला स्टॉकयार्ड में लगी आग को समय रहते न बुझाना विस्थापित परिवारों के लिए गंभीर खतरा है। यह जहरीला धुआं स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इससे दम घुटने जैसी स्थिति पैदा होने की संभावना है। अगर आग को जल्दी नहीं बुझाया गया, तो इससे स्थानीय लोगों को जान का खतरा हो सकता है और वे घुटन महसूस करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। यहा तक की कोयला जलने से निकलने वाली जहरीली गैसें सांस लेने में समस्या, दमा, और त्वचा संबंधी बीमारियां पैदा कर सकती हैं।आग लगने से पशु और अन्य संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। जिससे विस्थापित परिवारों की परेशानी बढ़ सकती है। कोयला जलने से हवा में धुएं और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है । आग को जल्द बुझाने के लिए संबंधित अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने चाहिए और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना चाहिए।
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35 वर्ष बीतने के बाद भी आज तक कोई रोजी रोजगार नहीं
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तेतरियाखाड़ कोलियरी सीसीएल के द्वारा 1990- 91 से शुरू हुआ कोलियरी खुले समय सभी विस्थापित ग्रामीणों को आशा विश्वास था कि नौकरी मुआवजा ,रोजगार, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, इत्यादि मूलभूत सुविधा के साथ ग्रामीणों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का विकास होगा लेकिन कोलियरी खुले लगभग 35 वर्ष बीतने के बाद भी आज तक कोई रोजी रोजगार नहीं मिला, यहां तक कि विस्थापित लोग का अपना जमीन जो प्रबंधन को कोलियरी विस्तार में दिए हैं उसका भी नौकरी मुआवजा पूर्ण रूप से नहीं मिला है अतः हम सब विस्थापितों के द्वारा अपनी मांग से अनेकों बार लिखित रूप में अवगत कराते हुए आ रहे हैं लेकिन सीसीएल के द्वारा एक भी मांगों को पूरा करने के बजाय झूठे केस मुकदमा में विस्थापित रैयतों को फंसा दिया जाता है तथा सीसीएल के द्वारा अपने दलालों के माध्यम से विस्थापित के नाम पर अवैध वशुली भी की जाती है जिसमें सीसीएल की भी संलिप्त नजर आता है । उपरोक्त सभी बातों को दरकिनार करते हुए तेतरियाखांड कोलियरी के विस्थापित लोगों के सामने एक विकराल रूप लिए बेरोजगारी के साथ-साथ सीसीएल के द्वारा लगभग भारी स्टॉक हो जाने के कारण कोयला में आग लग गया है । जिसके कारण धुआ प्रदूषण से तेतरियाखाड़ बसिया बेलवाड़ी नगड़ा पिंडारकोम में कई तरह के रोगों एवं बीमारियों से ग्रस्त है जो समय रहते सीसीएल के द्वारा विस्थापित लोगों के मांगों पर यथाशीघ्र विचार किया जाता है तो वहां लोग रोग़ बीमारी से बचायेंगे ।उधर विस्थापित परिवारों ने सीसीएल और झारखंड के हेमंत सोरेन सरकार से मांग कर रहे हैं कि हम सभी विस्थापित रैयत गांव ग्रामीण मांग करते हैं कि उपरोक्त समस्याओं को देखते हुए तत्काल समाधान किया जाए अन्यथा बाध्य होकर हम सभी विस्थापित रैयत एवं गांव ग्रामीण सीसीएल के सभी कार्य को ठप कर देंगे जिसकी जिम्मेवारी और जवाबदेही सीसीएल प्रबंधन की होगी।










