पाकुड़ में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती धूमधाम से मनाई गई
शनिवार को लड्डू बाबू आम बागान, पाकुड़ में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जिला इकाई पाकुड़ की ओर से जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया तथा उनके जीवन, विचारों और समाज के प्रति योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के पितोजिया गांव में हुआ था, जिसे आज कर्पूरीग्राम के नाम से जाना जाता है। उनके पिता का नाम गोकुल ठाकुर तथा माता का नाम रामदुलारी देवी था। जनता की सेवा और हितों की रक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण के कारण उन्हें ‘जननायक’ की उपाधि मिली। वर्ष 2024 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके कारण 1943 में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के चलते उन्हें अपनी पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी। वे बिहार के मुख्यमंत्री भी रहे और पिछड़े वर्गों के लिए 26 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सामाजिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष महावीर मढैया, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष इकरामुल अंसारी, लिट्टीपाड़ा प्रखंड अध्यक्ष मनोज मढैया, महिला जिला अध्यक्ष ज्योति दुबे, रोहन सिंह, अमन सिंह, प्रखंड अध्यक्ष रमेश सिंह, पाकुड़ आमडापाड़ा प्रखंड अध्यक्ष विनोद ठाकुर, सचिव हजरत शेख तथा वरिष्ठ नेता सह जिला सचिव रंजीत कुमार सिंह सहित कई कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित थे। सभी ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।










