राष्ट्रीय युवा दिवस पर विवेकानंद के विचारों को अपनाने का आह्वान

बारियातू।प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सोमवार को युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लातेहार जिला के सह जिला कार्यवाह सत्येंद्र प्रसाद, वरिष्ठ आचार्य शशि कुमार सिंह एवं लक्ष्मण राम द्वारा मां शारदे, ओउम् एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर किया गया।मौके पर उपस्थित भैया-बहनों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सत्येंद्र प्रसाद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श एवं महान संत थे। उनका जीवन युवाओं को राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी युवाओं को आलस्य त्याग कर लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देते थे। निस्वार्थ सेवा को उन्होंने जीवन का मूल मंत्र बताया। स्वामी विवेकानंद का कथन ,नर सेवा ही नारायण सेवा है,आज भी समाज को दिशा देने वाला है।आचार्या वीणा देवी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त एवं माता भुवनेश्वरी देवी थीं। स्वामी जी का बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। उन्होंने मात्र 25 वर्ष की आयु में संन्यास ग्रहण कर लिया था। वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सनातन धर्म की महत्ता को विश्व पटल पर रखा। उनके विचारों ने समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ने की राह दिखाई।
उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको”को जीवन में अपनाने की अपील की और कहा उनके विचारों को आत्मसात कर ही भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है।कार्यक्रम में कक्षा तृतीय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन वंदना दीदी ने किया। लक्ष्मण राम ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि आचार्य शशि कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ किया गया।इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी, भैया-बहन एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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