घाटशिला कॉलेज में याद किये गए स्वामी विवेकानंद
घाटशिला महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती से पूर्व उनके जीवन एवं दर्शन पर व्याख्यान
इस मौके पर कॉलेज के शिक्षक एवं काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर के चौधरी एवं एबीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर कॉलेज के छात्र छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद के बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि बच्चा स्वयं शिक्षा ग्रहण करता है। पेड़ पौधों की भांति उसका स्वत: विकास होता है। जिस प्रकार पेड़ पौधे स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं तथा माली उनकी प्रगति में सहायक मात्र होता है, उसी प्रकार शिक्षक, माता-पिता और अभिभावक की जिम्मेवारी केवल उचित आवश्यक वातावरण की आयोजना कर उनकी प्रगति में पथप्रदर्शन, निरीक्षण तथा निर्देशन ही होता है।
स्वामी विवेकानंद ने शिष्यों के आवश्यक गुणों की चर्चा करते हुए बतलाया था कि उन्हें मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहकर सत्य का अनुसरण और पालन करना चाहिए। उनमें ज्ञान प्राप्ति की सच्ची लगन होनी चाहिए। शिष्यों को अपने शिक्षकों के प्रति अत्यंत आधार का भाव रखना चाहिए।










