वार्ड संख्या-10 को लेकर आरक्षण विवाद, निवर्तमान पार्षद ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी से की आपत्ति
हुसैनाबाद नगर पंचायत के वार्ड संख्या-10 के आरक्षण को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। नगर पालिका (आम) निर्वाचन 2026 के तहत वार्ड संख्या-10 को अत्यंत पिछड़ा वर्ग–1 (अन्य) के लिए आरक्षित किए जाने की घोषणा पर निवर्तमान वार्ड पार्षद मधु अग्रवाल ने कड़ा ऐतराज जताया है।
निवर्तमान पार्षद मधु अग्रवाल ने इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका), पलामू सह उपायुक्त को पत्र लिखकर आरक्षण निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वार्ड संख्या-10 में अत्यंत पिछड़ा वर्ग–1 की जनसंख्या नगण्य है, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग–2 की आबादी तुलनात्मक रूप से कहीं अधिक है। श्रीमती अग्रवाल का कहना है कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था से वार्ड संख्या-10 के अत्यंत पिछड़ा वर्ग–2 के लोग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका तर्क है कि जनसंख्या के वास्तविक अनुपात को नजरअंदाज कर किया गया आरक्षण न केवल प्रतिनिधित्व को कमजोर करता है, बल्कि स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी बाधा उत्पन्न करता है।उन्होंने आग्रह किया है कि वार्ड संख्या-10 में अत्यंत पिछड़ा वर्ग–2 की बहुलता को देखते हुए उसी वर्ग के लिए आरक्षण किया जाना न्यायसंगत और व्यवहारिक होगा, ताकि वार्ड की जनता को प्रभावी प्रतिनिधित्व मिल सके।
इस आपत्ति पत्र की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी, हुसैनाबाद को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस आपत्ति पर क्या रुख अपनाता है और क्या वार्ड संख्या 10 के आरक्षण में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं। स्थानीय जनता की निगाहें प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।










