2 लाख से अधिक की हुई जांच, 42 मिले कुष्ठ रोगी

उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुष्ठ रोगी खोज अभियान सहित कार्यक्रम के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुष्ठ रोगी खोज अभियान 10 नवंबर से 26 नवंबर 2025 तक सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अभियान राउंड-1 के अंतर्गत जिले की संपूर्ण आबादी की जांच के उद्देश्य से 1240 टीमों का गठन किया गया। जिनके द्वारा 2 लाख 21 हजार 417 घरों का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान 2281 संदिग्ध कुष्ठ मरीज चिन्हित किए गए। इसके पश्चात चिकित्सीय दल द्वारा सभी संदिग्ध मरीजों की जांच की। जिसमें 42 कुष्ठ रोगियों की पुष्टि हुई। सभी चिन्हित मरीजों का वर्तमान में नियमित उपचार जारी है।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इलाजरत कुष्ठ रोगियों का खान–पान हेतु सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता राशि का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपचार के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सिविल सर्जन ने कुष्ठ रोग के लक्षणों, समय पर पहचान एवं पूर्ण उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा भी कुष्ठ उन्मूलन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ग्रेड-2 कुष्ठ रोगियों को सेल्फ केयर किट एवं एमसीआर चप्पल निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे दिव्यांगता की रोकथाम एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और समय पर पहचान, उपचार एवं जागरूकता के माध्यम से जिले को कुष्ठ मुक्त बनाया जा सकता है।

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