48 हजार 232 कंसल्टेशन के साथ राज्य में चतुर्थ स्थान पर
उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्रोग्राम की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में ई-संजीवनी के माध्यम से प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जहां चिकित्सकों की भौतिक उपलब्धता संभव नहीं हो पाती है। वहां आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी के माध्यम से ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन एप्लीकेशन द्वारा पंजीकृत हब के डॉक्टरों से ऑडियो-वीडियो कॉल के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण जनता के लिए वरदान साबित हो रही है।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रतिदिन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार रिम्स, रांची, एम्स, देवघर सहित अन्य विशेष हब से विशेषज्ञ चिकित्सक ऑनलाइन उपलब्ध रहते हैं और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण परामर्श प्रदान करते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में कुल 48 हजार 232 ई-संजीवनी कंसल्टेशन पूर्ण किए जा चुके हैं। जिसके साथ जिला पूरे राज्य में चतुर्थ स्थान पर है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी सीएचओ प्रत्येक माह न्यूनतम 200 कंसल्टेशन तथा सभी चिकित्सक प्रत्येक माह कम से कम 500 कंसल्टेशन सुनिश्चित करें, ताकि ई-संजीवनी के प्रभावी क्रियान्वयन से जिला को राज्य में प्रथम स्थान पर लाया जा सके। उन्होंने सिविल सर्जन एवं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ई-संजीवनी कार्यक्रम की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।ई-संजीवनी कार्यक्रम डिजिटल इंडिया और सुलभ स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक मजबूत कदम है।









