सतसंग विहार में मनाया गया श्री श्री ठाकुर अनुकूल जी का 138 वां जन्म उत्सव
बहरागोड़ा के केवला स्थित सत्संग विहार आश्रम में रविवार को श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र जी का 138 वां जन्म उत्सव मना.इस समारोह में झारखंड,पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के विभिन्न जगहों से सैकड़ों की संख्या में जयगुरु भक्तों ने भाग लिया. बंदे पुरुषोत्तम उद्भेदन के साथ शुभारंभ हुआ.
इसके बाद मंगलिक शहनाई, उषा कीर्तन, प्रातः कालीन प्रार्थना,श्री श्री अनुकूलजी के दिव्य संदेश पाठ,मातृ सम्मेलन,साधारण सभा,प्रार्थना,आरती आदि हुआ.साधारण सभा में मुख्य वक्ता पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम ऋतिक कृष्णा पांडा महापात्र संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सिर्फ उपार्जन करना ही उद्देश्य न बनाएं.गलत संगत में न पड़े. अपने परिवार का सम्मान करें. जीवन है तो समस्याएं होगी. समस्या नहीं तो जीवन नहीं. संस्कार से संसार सुंदर होता है, सत्य की राह पर चले. ठाकुर जी के जीवनी से प्रेरणा ले तभी जाकर अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण होगा.इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के गालूडीह के ऋतिक विश्वनाथ साधु,उड़ीसा के झाड़पोखरिया ऋतिक संतोष महंतो ने ठाकुर जी की जीवनी पर विस्तार पूर्वक व्याख्यान किया. जन्मोत्सव को सफल बनाने में सैकड़ो गुरु भाइयों एवं माताओ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया.
मातृ सम्मेलन में मां की महिमा का बखान
मातृ सम्मेलन में माताओ ने मां की महिमा का बखान किया. इसमें कहा कि मां नहीं होती,तो दुनिया कायम नहीं होती. महिलाओं का सम्मान परिवार का असली पूंजी है.उन्होंने एक नारी के कई रूपों का वर्णन किया.
भव्य झांकी के साथ निकली शोभायात्रा सह नगर परिक्रमा
सुबह श्री श्री अनुकूलचंद्र जी का जन्म महोत्सव के अवसर पर भव्य झांकी के साथ आश्रम परिसर से शोभायात्रा सह नगर परिक्रमा निकाली गयी. महिलाओं ने ठाकुर जी के जीवनी का पाठ किया. बंदे पुरुषोत्तम के नारों से इलाका गूंज उठा. बहरागोड़ा मुख्य बाजार का परिभ्रमण कर पुन आश्रम पहुंचकर समापन हुआ.
हजारों की संख्या में लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण
आश्रम परिसर में आनंद बाजार लगायी गयी थी.हजारों की संख्या में गुरु भाइयों ने प्रसाद ग्रहण किया.आनंद बाजार को सफल बनाने में सैकड़ो गुरु भाइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया.










