कोल्हान यूनिवर्सिटी इंटर-कॉलेज फुटबॉल के तीसरे दिन हुए चार रोमांचक मुकाबले
कोल्हान विश्वविद्यालय अंतर-महाविद्यालय फुटबॉल टूर्नामेंट (पुरुष एवं महिला) 2025 के तीसरे दिन बहारागोड़ा स्थित बिनापानी पाठागार स्टेडियम में कुल चार रोमांचक मुकाबले खेले गए। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और दर्शकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से पूरे दिन खेलमय वातावरण बना रहा।
दिन का पहला मैच एल.बी.एस.एम. कॉलेज, जमशेदपुर (पुरुष) और जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर (पुरुष) के बीच खेला गया। कड़े मुकाबले में एल.बी.एस.एम. कॉलेज ने 1–0 गोल से जीत दर्ज की।
दूसरा मैच घाटशिला कॉलेज, घाटशिला (महिला) और जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज, जमशेदपुर (महिला) के बीच हुआ। इस मैच में घाटशिला कॉलेज ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 3–0 गोल से विजय प्राप्त की।
तीसरा मुकाबला बहारागोड़ा कॉलेज, बहारागोड़ा (पुरुष) और कोल्हान विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर विभाग, चाईबासा (पुरुष) के बीच खेला गया। यह मैच अत्यंत रोमांचक रहा और निर्धारित समय तक बराबरी पर रहने के बाद टाई-ब्रेक में कोल्हान विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर विभाग, चाईबासा ने 4–3 गोल से जीत हासिल की।
दिन का चौथा और अंतिम मैच टाटा कॉलेज, चाईबासा (पुरुष) और के.एस. कॉलेज, सरायकेला (पुरुष) के बीच खेला गया, जिसमें टाटा कॉलेज, चाईबासा ने 1–0 गोल से जीत दर्ज की।
दिवस–3 के मैचों के उपरांत यह तय हुआ कि महिला वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला एल.बी.एस.एम. कॉलेज, जमशेदपुर और टाटा कॉलेज, चाईबासा के बीच कल खेला जाएगा। इसके साथ ही पुरुष वर्ग के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले भी कल आयोजित होंगे। पहला सेमीफाइनल एल.बी.एस.एम. कॉलेज, जमशेदपुर और टाटा कॉलेज, चाईबासा के बीच तथा दूसरा सेमीफाइनल कोल्हान विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर विभाग, चाईबासा और डिग्री कॉलेज, मझगांव के बीच खेला जाएगा।
पूरे दिन शिक्षक, छात्र-छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में स्थानीय दर्शक उपस्थित रहे और मैचों का भरपूर आनंद लिया। खिलाड़ियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सी.एच.सी.), बहारागोड़ा की मेडिकल टीम ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर थाना प्रभारी श्री शंकर कुमार कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
तीसरे दिन की प्रतियोगिता उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिससे सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों और दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।










