महुदा इंटर कॉलेज में घोटालों पर प्रशासन मौन, आंदोलन उग्र की संभावना,
महुदा: महुदा इंटर कॉलेज में व्याप्त गंभीर भ्रस्टाचार व अनियमितताओं एवं व्याख्याता सुरेश रजक, द्वारपाल गौतम महतो समेत अन्य कर्मियों की बिना जैक नियम व गलत तरीके से बर्खास्तगी, संस्थान में भ्रष्टाचार, ईपीएफओ घोटाला तथा वरीयता की अनदेखी कर प्राचार्य नियुक्ति को लेकर मंगलवार को धनबाद अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक एक बार फिर औपचारिकता बनकर रह गई। ठोस कार्रवाई के बजाय जीवी कमेटी ने केवल मौखिक आश्वासन दिया। एसडीओ के आदेश पर बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू धरनार्थियों से आंदोलन स्थगित कराने पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि 11 दिसंबर को नौ सूत्री मांगों में से चार बिंदुओं पर लिखित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, जिस पर जिप अध्यक्ष शारदा सिंह व पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। इसके बावजूद 13 दिसंबर की वार्ता के दौरान बाहरी तत्वों द्वारा प्रतिनिधिमंडल पर हमला हुआ, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे वादाखिलाफी बताते हुए धरनार्थियों ने उग्र आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
धरणार्थी प्रो. सुरेश कुमार रजक ने कहा कि जीवी की बैठक महज लोगों को बरगलाने का प्रयास है। जो भ्रष्टाचारी हैं, वे लगातार नियम-कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं, फिर भी प्रशासन और संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। सचिव दीप नारायण शर्मा व उनके सहयोगियों द्वारा किए गए घोटालों व गबन के ठोस प्रमाण देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी मजबूरी में आमरण अनशन व धरना शुरू किया गया। सीओ द्वारा लिखित आश्वासन देकर भी वादाखिलाफी की गई, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो फिर आमरण अनशन और भूख हड़ताल होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन, शिक्षा विभाग व प्रशासन की होगी।
इधर पत्रकारों को बयान देने से बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू ने साफ मना कर दिया। उन्होने आगे कहा संबंधित अधिकारीयों से बयान लें सकते हैं। इसके लिए वे अधिकृत नहीं हैं।









