डकरा में रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले संवेदक संघ की बैठक
खलारी। रैयत विस्थापित मोर्चा, के तत्वाधान मे रैयत विस्थापित मोर्चा के डकरा कार्यालय के प्रांगण में एनके एरिया संवेदक संघ की बैठक मोर्चा के अध्यक्ष बिगन सिंह भोगता के अध्यक्षता मे संपन्न हुई ।संचालन नसीब चौहान ने किया इस बैठक में संरक्षक नागेश्वर गंझु उर्फ मुखिया जी उपस्थित थे।इस बैठक का मुख्य विन्दु एनके एरिया सिविल कार्यों को सुधार कर सभी संवेदक को काम मिले इस उदेश्य से किया गया। बैठक में उपस्थित सभी ने अपना अपना विचार विस्तार से रखा।मोर्चा के राम लखन गंझु, बिनय खलखो ने अपनी बाते रखते हुए से सभी संवेदक का स्वागत किया और उन्होंने कहा सभी संवेदक मिलकर काम करें जिससे ग्रामीण के विकास कार्यों में बाधा न आए, और ठेकेदार मजदूर के रोजगार में समस्या उत्पन्न ना हो इसके लिए सभी सवेदक मिलकर काम करें, वंही बैठक की अध्यक्षता कर रहे बिगन सिंह भोगता एवं नागेश्वर गंझु ने स्पष्ट शब्दों में बैठक में उपस्थित सभी से कहा की भविष्य में मोर्चा के सहमति के बगैर कार्यों में विघ्न डाला या या मोर्चा द्वारा बनाय गए नियम को उलंघन किया जाता है तो मोर्चा द्वारा कड़ी कार्रवाई किया जाएगा और सिविल कार्यों में कोई समझौता नहीं किया जायेगा।वही संवेदक संघ के संवेदक नसीब चौहान ने सभी ठेकेदार को एकजुट किया और अपने बेहतर भविष्य के लिए अच्छे ढंग से काम करने का, आश्वासन दिया, और कहा कि बहुत जल्द एक कमेटी का गठन किया जायेगा । बैठक का व्यवस्था सवेदक राहुल कुमार सिंह ने किया ।साथ ही सर्वसहमति से यह निर्णय लिया गया कि, अगला बैठक डकरा में 15 दिसम्बर को किया जाएगा।इस संबंध में एनके एरिया के सभी ठेकेदार में सहमति जताई और कहा गया कि 15 दिसम्बर के बाद कोई भी ठेकेदार कंपटीशन नहीं करेंगे और अपने अपने कार्य पर, ध्यान आकर्षित रखकर आगे बेहतर भविष्य की तैयारी करेंगे।बैठक में मुख्य रूप से रंथू उरांव, जगरनाथ महतो,नरेश गंझू, अमृत भोगता,रामेश्वर सिंह, अरुण सिंह, कृष्ण यादव, देवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, बिनोद विश्वकर्मा,सुबोध कुमार, पप्पू सिंह, गुड्डू सिंह, नरेश यादव, विकास दुबे, राहुल कुमार सिंह, प्रदीप महतो, वीरेंद्र यादव, किशोर यादव, प्रवेश राम, उपेंद्रकांत, अर्जुन महतो, नरेश महतो, नरेंद्र कुमार, रितेश सिंह, कमलेश चौहान, प्रवीण कुमार, के°के° ओझा, रितेश चौहान, अवधेश महतो, प्रभाकर गंझू, दामोदर गंझू, सुनील यादव, राजेंद्र उरांव आदि सैकड़ो की संख्या में संवेदक मौजूद थे।










