काशीदा महिला कॉलेज में ग्रेजुएशन डे: नई उड़ान, नए सपनों का दिन

 

घाटशिला के काशीदा स्थित बलदेव दास संत नंदलाल स्मृति महिला कॉलेज के प्रांगण में आज (10 दिसंबर, बुधवार) छात्राओं के लिए वह पल आया जिसका इंतज़ार वर्षों से था—ग्रेजुएशन डे। कॉलेज परिसर में उत्साह, उपलब्धि और नए सपनों की चमक साफ नज़र आ रही थी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता एवं बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षड़ंगी उपस्थित हुए। साथ ही घाटशिला प्रमुख सुशीला टुडू, AITUC के महासचिव एवं कॉलेज शिक्षा समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, तथा जिला परिषद सदस्य दिव्यानी मुर्मू भी समारोह की गरिमा बढ़ाने पहुंचे।

समारोह की शुरुआत कॉलेज के प्रेरणास्रोत बलदेव दास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद चार सत्र 2018 से 2024-2025 की कठोर मेहनत और लगन से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में कुणाल षड़ंगी ने छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “हम ऐसे देश में रह रहे हैं जहाँ देश की प्रथम नागरिक—राष्ट्रपति—एक महिला हैं। यह स्वयं इस देश की बदलती सोच और उभरती नारी शक्ति का प्रतीक है।”

उन्होंने आने वाले समय की चुनौतियों पर स्पष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि यदि समाज को वास्तव में विकसित करना है तो घर की महिलाओं का शिक्षित होना अनिवार्य है।

तेजी से बदलती दुनिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज का युग AI और वर्चुअल लाइफ का है। “जितना यह तकनीक अवसर देती है, उतना ही खतरा भी। इसलिए ज़रूरत इस बात की है कि युवा पीढ़ी असल और वर्चुअल दुनिया के बीच संतुलन समझे और खुद को मानसिक रूप से हर चुनौती के लिए तैयार रखे।”

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेजुएशन डे किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। आगे और भी अवसर, चुनौतियाँ और उपलब्धियाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं—बस आत्मविश्वास और तैयारी बनाए रखने की आवश्यकता है।

अंत में उन्होंने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए घाटशिला का नाम रोशन करने का आशीर्वाद दिया।

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