कें द्र ने रोकी राशि, फिर भी नहीं रुका विकास—डॉ. इरफान अंसारी ने जामताड़ा को लौटाया ‘जीवनरेखा’ पुल

केंद्र सरकार द्वारा लगातार उपेक्षा और आवश्यक राशि रोके जाने के बावजूद जामताड़ा में विकास की रफ्तार थमी नहीं है। इसका जीवंत प्रमाण है जामताड़ा–कर्माटांड़–कंबाइंड बिल्डिंग पथ पर स्थित क्षतिग्रस्त पुराने पुल के स्थान पर बनाए जा रहे डाइवर्जन पुल का शिलान्यास, जिसे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विधिवत रूप से किया।
गत वर्ष भारी बारिश के दौरान यह महत्वपूर्ण पुल बह गया था, जिससे जामताड़ा शहर का संपर्क कर्माटांड़ समेत आसपास के कई क्षेत्रों से पूरी तरह टूट गया था। इसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ा। छात्रों, मरीजों, किसानों, व्यापारियों और बुज़ुर्गों को कई किलोमीटर घूमकर आवागमन करना पड़ रहा था। व्यापारिक गतिविधियाँ ठप हो गई थीं और जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस अत्यंत आवश्यक परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा कोई आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे क्षेत्र में आक्रोश और निराशा का माहौल बना। ऐसे कठिन समय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विशेष आग्रह कर लगातार फॉलो-अप एवं प्रयासों के माध्यम से पुल निर्माण की राशि स्वीकृत करवाई।
आज उसी संघर्ष का परिणाम है कि डाइवर्जन पुल के निर्माण कार्य की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और मंत्री जी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर डॉ. अंसारी ने कहा, “केंद्र चाहे जितनी भी बाधाएँ डाले, जामताड़ा का विकास नहीं रुकेगा। जनता से किया गया हर वादा पूरा होगा। जामताड़ा का समग्र विकास मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
यह शिलान्यास केवल एक पुल का निर्माण नहीं, बल्कि जामताड़ा में सतत विकास, मजबूत नेतृत्व और जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

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