13 महीने से लंबित सम्मान राशि, आर्थिक संकट में ग्राम प्रधान व सहयोगी—खेती-बारी और इलाज पर पड़ा असर

जामताड़ा जिले के करीब 500 ग्राम प्रधान और एक हजार से अधिक परंपरागत गांव स्तरीय प्रतिनिधि (गोडेट, जोगमांझी, नायकी, कुड़म नायकी आदि) पिछले वर्ष के सात माह की बढ़ी हुई सम्मान राशि तथा चालू वर्ष (जुलाई से नवंबर) तक पांच माह की सम्मान राशि के भुगतान से वंचित हैं। कुल 12–13 महीने से सम्मान राशि लंबित रहने के कारण इन प्रतिनिधियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

ग्राम प्रधानों को प्रति माह 2000 रुपए और सहयोगियों को 2000 रुपए की सम्मान राशि निर्धारित है, परंतु अब तक भुगतान नहीं होने से खरीफ फसल की कटाई और रवि फसल जैसे गेहूं, सरसों, आलू आदि की बुवाई प्रभावित हो रही है। खेती ही अधिकांश ग्रामीण प्रतिनिधियों की आजीविका का मुख्य आधार है, ऐसे में पूंजी के अभाव में खेतों में हरियाली कम हो गई है।

जबरदाहा टू के ग्राम प्रधान शिवलाल मुर्मू ने कहा कि सरकार की मासिक भुगतान की घोषणा केवल कागजी साबित हो रही है। भलगढ़ा के ग्राम प्रधान दुबराज भंडारी ने बताया कि सात माह की बढ़ी हुई राशि भी अटकी हुई है। वहीं रूपडीह के ग्राम प्रधान हेमन मुर्मू ने कहा कि लंबित भुगतान के कारण बुजुर्ग प्रतिनिधियों का इलाज तक बाधित है। सबनपुर के ग्राम प्रधान सनातन महतो के अनुसार, समय पर भुगतान होता तो रवि फसल का विस्तार संभव हो पाता।

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