बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण को ले न्यायिक पदाधिकारीयों ने ली शपथ
व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह के अध्यक्षता में बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ने बाल विवाह के खिलाफ हर संभव प्रयास करने अपने परिवार पड़ोस और समुदाय में किसी बालिका का बाल विवाह ना हो, यदि ऐसा होता हो तो इसकी सूचना अपने पंचायत एवं सरकार को देने सभी बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करने एवं बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करने की शपथ ली। बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह में अपर सत्र न्यायधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक, प्रभारी न्यायधीश विजय कुमार दास, लीगल एड डिफेंस कॉन्सिल सिस्टम के अधिवक्ता, मिडिएटर अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। इस दौरान जिले के सभी पंचायत एवं प्रखंड स्तर के लीगल एड क्लिनिक में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ लेते हुए जागरूकता अभियान चलाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाता रहा है। बाल विवाह को लेकर सूचना मिलते ही डालसा सचिव रूपा बंदना किरो द्वारा हस्तक्षेप करते हुए बाल विवाह होने से रुकवाया गया और लोगों से अपील की गई कि ऐसा कुछ घटना होती है तो प्राधिकार को सुचित करें।










