संताली भाषा को राजभाषा बनाने की मांग, देवनारायण मुर्मू ने किया संबोधन
ऑल इंडिया संताली एजुकेशन कौंसिल, करनडीह जमशेदपुर की ओर से डेफोडिल्स पब्लिक स्कूल, जारा , बुंडू , पेटरवार में मिडिल, मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी सेंगेल अभियान झारखंड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू उपस्थित हुए। अपने संबोधन में श्री मुर्मू ने कहा कि संताली भाषा देश की एकमात्र आदिवासी भाषा है, जिसे दिशोम गोमके सालखन मुर्मू के अथक प्रयासों से 22 दिसंबर 2003 को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया। कहा कि झारखंड में अब तक जितने भी मुख्यमंत्री आए, किसी ने भी संताली को राजभाषा का दर्जा दिलाने का गंभीर प्रयास नहीं किया। यदि भाषा को राजभाषा का दर्जा मिलता है, तो संताल आदिवासी समुदाय को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जैसा अन्य राज्यों में दिखाई देता है। सभा का संचालन सेंगेल सरना धर्म मंडवा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार मुर्मू ने किया। कार्यक्रम में हरिश चंद्र मुर्मू, संतोष कुमार सोरेन और ललीता सोरेन ने भी अपने विचार रखे।









