विस्थापित संघ के सचिव भीम हाँसदा का निधन

 

यूसील के टेलिंग पौंड से विस्थापित गांव चाटीकोचा के ग्रामीण 27 सालों में भी पुनर्वास का लाभ नहीं मिलने से तिल तिल कर मरने को मजबूर है l इसी कड़ी में चाटीकोचा विस्थापित समिति के सचिव भीम चंद्र हांसदा पिछले लगभग 27 सालों से ग्रामीणों को युसील से पुनर्वास का लाभ दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे थे l 27 सालों में भी उन्हें न्याय नहीं मिला और अंत में वे से स्वर्ग सिधार गए l इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी और मायूसी है।
स्वर्गीय भीमचंद हसदा काफी जुझारू किस्म के आंदोलनकारी थे उनके नेतृत्व में कई बार यूसील का ग्रामीणों के द्वारा घेराव भी किया गया कई बार वार्ता हुई अभी तक लगभग 700 बार से अधिक यूसील प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक भी यूसिल प्रबंधन के द्वारा ग्रामीणों को पुनर्वास का लाभ नहीं दिया गया है ।
यूसील के वादा खिलाफी से लगातार ग्रामीणों की नाराजगी फिर से बढ़ते जा रही है।
यूसील के द्वारा 1996= 97 में चाटी कोचा ग्रामीणों को टेलिंग पौंड के थर्ड और फोर्थ स्टेज बनाने के लिए विस्थापित किया गया था अभी तक उन्हें यहां से पुनर्वास का लाभ नहीं मिल पाया है जिसके कारण टेलिंग पौंड के धूलकण उनके घर में घुस रहे हैं साथ ही आसपास के नदी नाला को पूरी तरह प्रदूषित कर दिया गया जिसके कारण कई लोग पहले ही स्वर्ग सिधार चुके हैं अब सचिव के निधन से लोगों में भारी नाराजगी है युसील प्रबंधन के खिलाफ। ।
यूसील प्रबंधन के द्वारा धोबनी,भाटीन , बेनसोल में यहां के लोगों को पुनर्वास करने का वादा किया लेकिन अभी तक पूर्ण वास का लाभ नहीं मिल पाया है। ।
ग्रामीण की मुख्यत 10 प्रमुख मांगे हैं।
यहां के विस्थापित लोगों का पुनर्वास करना एवं प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपया देना,, जाहेरगढ का निर्माण करना, विस्थापितों के आश्रित परिवारों को रोजगार देना,साथ ही ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा प्रदान करना।
विस्थापित समिति के सदस्यों का कहना है कि सचिव स्वर्गीय भीम चंद्र हंसदा ा के स्वर्गवास हो जाने से हम सबको काफी बड़ा गहरा झटका लगा है उनके द्वारा ही आंदोलन का काफी शानदार तरीके से नेतृत्व किया जा रहा था।
आदिवासियों की पूजा स्थल को भी बार-बार यूसिल प्रबंधन के टेलिंग पौंड के गंदा पानी से प्रदूषित किया जा रहा हे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *