सदर प्रखंड अंतर्गत मदनमोहनपुर एवं जमशेरपुर पंचायत में जल छाजन विभाग से तालाब निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आ रही है। इसमें सबसे बड़ी गड़बड़ी यह है कि प्राक्कलन के अनुरूप तालाब की खुदाई नहीं की गई है। नियम मुताबिक तालाब की गहराई 12 फीट करना था। लेकिन आठ से दस फीट ही गहराई की गई है। किसी-किसी योजना में इससे भी कम खुदाई की गई है। एकाध योजना तो ऐसी भी हैं, जहां पहले से ही गहरा गड्ढा मौजूद था। जिसका उपयोग भी ग्रामीण तालब के रुप में करते थे। एजेंसी ने तालाब निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करते हुए सरकारी राशि लूटने का काम किया है। इधर पूर्व जिला परिषद सदस्य बाबूचांद मुर्मू ने बताया कि इस इलाके में तालाब निर्माण के नाम पर एजेंसी ने सिर्फ लूटने का काम किया है। इस क्षेत्र में जल छाजन विभाग से जितने भी तालाब बने हैं, सभी में गड़बड़ियां है। एक तरफ तो पुराने गड्ढों का ही मेढ़ बनाकर तालाब दिखा दिया है। दूसरी तरफ एक भी तालाब की गहराई एस्टीमेट के मुताबिक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें जो जानकारी मिली है, तालाब की गहराई 12 फीट करना है। लेकिन 8 से 10 फीट से ज्यादा मिट्टी नहीं काटा गया है। एजेंसी ने किस कदर तालाब निर्माण के नाम पर लूट मचाई है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अधिकतर तालाब की योजना का बोर्ड गायब कर दिया गया है। इसकी शिकायत करने पर ग्रामीण पर ही दोष मढ़ दिया जाता है कि ग्रामीणों ने ही बोर्ड को उखाड़ दिया है। लेकिन यह सत्य नहीं है, बोर्ड को जान-बूझकर ही गायब किया गया है। उन्होंने कहा कि जल छाजन विभाग से जितने भी तालाब बने हैं, सभी का ईमानदारी से उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए। बता दें कि दोनों पंचायतों में पिछले तीन-चार सालों में जल छाजन विभाग से दर्जन भर तालाब का निर्माण हुआ है। पंचायत के भेड़ापोखर गांव, चिरुडीह, मरुआपहाड़ी आदि गांव में जल छाजन विभाग से तालाब का निर्माण हुआ है। जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई है। बता दें कि हाल ही में जल छाजन विभाग योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ियों को लेकर काफी सुर्खियों में रहा। विभाग के इंजीनियर के क्रियाकलाप पर सवाल खड़े होने लगे थे। इधर तालाब निर्माण में गड़बड़ियां क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या कहते कनीय अभियंता….
इधर विभाग के कनीय अभियंता आदित्य नारायण ने कहा कि हाल ही में मेरी पोस्टिंग हुई है। सदर प्रखंड में जितने भी तालाब बने हैं, वो मेरे रीजन के नहीं है। फिर भी जानकारी लेकर योजना स्थल का जांच किया जाएगा।










