स्थापित ट्रांसफर नीति के उल्लंघन के आरोप में मुरी रनिंग स्टाफ ने मुरी लांबी परिसर के समक्ष धरना सह विरोध प्रदर्शन किया
मुरी/सिल्लीः रनिंग स्टाफ ने आरोप लगाया है कि मुरी लांबी के एक लोको पायलट को सीनियरिटी सूची एवं स्थापित नियमों को दरकिनार करते हुए “आउट ऑफ टर्न” हटिया स्थानांतरित कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी पैरवी या सोर्स वाले कई ड्राइवर पिछले 7–8 वर्षों से हटिया ट्रांसफर के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं, जबकि जिनका विशेष कौशल भी अन्य ड्राइवरों की तुलना में अलग नहीं है, उन्हें सीधे हटिया भेज दिया गया।
रनिंग स्टाफ के अनुसार, संबंधित लोको पायलट को कुछ माह पहले ही प्रमोशन के बाद मुरी लाया गया था, लेकिन अचानक लगभग 120–130 स्टाफ को पीछे छोड़कर बॉटम से हटिया ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे स्टाफ में रोष व्याप्त है कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह के निर्णय से न केवल ट्रांसफर पॉलिसी की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं, बल्कि रेलवे को भी वित्तीय हानि पहुँच रही है।इसी कथित गलत ट्रांसफर नीति के विरोध में सभी रनिंग स्टाफ ने सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक ट्रेड यूनियन Act-1926 के तहत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन की है।
स्टाफ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच कर स्थापित नियमों के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाए।










