सारंग संस्था के द्वारा दुमका के मसलिया प्रखण्ड के आमगाछी गांव के आदिवासी टोला में कम्बल वितरण
बालूमाथ। कड़ाके की ठंड को देखते हुए एवं ग्रामीणों के आग्रह पर *सारंग*संस्था के द्वारा जरूरतमंद वृद्ध जनों के बीच कंबल का वितरण किया गया। ग्रामीण इस बेतहाशे ठंड में पत्ते आदि जलाकर आग के भरोसे दिन काटने को मजबूर हैं। *सारंग*की संस्थापिका रानी राज ने कहा- आज भी भारत के ग्रामीण इलाकों का हालत खस्ता है,जीवन स्तर अतिनिम्न है। पीढ़ी -दर -पीढ़ी गरीबी में ही जीने के आदि हो चुके हैं ,इसी जीवन स्तर को वे अपना नियति मान चुके हैं । स्थिति यह है कि उनकी सोच और सपने में ये आता ही नहीं कि हम बेहतर भी हो सकते हैं क्योंकि उन्हें दिन भर में एक टाइम पेट भर खाना मिल जाए यहीं नसीब की बात होती है। सारंग संस्था का उद्देश्य ही यही है कि आमगाछी जैसे सुदूर इलाके में भी सोच परिवर्तन हो, उच्च शिक्षा की पहुंच हो और विकास को विकास की तरह ही समझा जाए यानी , शिक्षा और जीवन स्तर उच्चा हो।










