संवेदना का संकल्प: अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर कुँवर टुडू को मिली नई उम्मीद की व्हीलचेयर”
“अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर मानवीयता और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण सामने आया, जिसने समाज को एक नई सोच दी। वर्ष 2022 में घर की दीवार गिरने से गंभीर रूप से घायल होकर पैरालिसिस से जूझ रहे कुँवर टुडू से आज झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी उनके घर पहुँचकर मिले।
कुणाल षाड़ंगी ने न केवल उनकी कुशलक्षेम पूछी, बल्कि मानवीय पहल का परिचय देते हुए उन्हें एक नई व्हीलचेयर प्रदान की—जिससे कुँवर टुडू के दैनिक जीवन में आसानी आएगी और वे आत्मनिर्भरता की ओर एक नया कदम बढ़ा सकेंगे। साथ ही उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि इलाज से लेकर अन्य आवश्यक जरूरतों तक हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल ने साफ संदेश दिया कि दिव्यांग दिवस केवल औपचारिकता का दिन नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में उम्मीद की रोशनी पहुँचाने का अवसर है, जो संघर्ष के बावजूद हिम्मत नहीं हारते।
यह केवल एक सहयोग नहीं—समाज के लिए एक संदेश है कि संवेदना ही सबसे बड़ी शक्ति है।
कार्यक्रम में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष शिवचरण हांसदा, ग्राम प्रधान सुनील टुडू, दिजन हांसदा, बिप्लब पाल, शीतल मैती, मनोरंजन गोप, शाहदेव गोप, रामानन्द गोस्वामी और बुलु गोप भी उपस्थित रहे।










