वित्त मंत्री ने किया कुन्दरी लाह बागान का निरीक्षण
झारखण्ड राज्य के पलामू जिला अंतर्गत नीलाम्बर पिताम्बरपुर स्थित रकबा 421 एकड़ में विस्तृत एशिया महादेश का सबसे बड़ा रंगीनी लाह का “कुन्दरी लाह बागान” में माननीय संसदीय कार्य सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर जी आगमन हुआ।
वन विभाग, पलामू से निराशा और उनकी अकर्मण्यता को देखते हुए, “कुन्दरी लाह बागान” के विकास में प्रयासरत कमलेश सिंह के विशेष अनुरोध पर पूर्ण स्थिति से माननीय मंत्री जी ने आज “ग्राउंड लेबल” पर उपस्थित होकर पूरी सच्चाई को उन्होंने जाना, बागान के पूर्ण विकास हेतु आवश्यक सकारात्मक कदम जल्द उठाने की बात कहीं, इन्होंने कहा कि यह ग्रमीणों की भूमि है और इसे विकसित किया जाना चाहिए, इसका लाभ पलामू क्षेत्र के नागरिकों का लाभ बनता है। आवश्यकता होगी तो मंत्री परिषद में भी पलामू की विरासत पलाश की चर्चा और विकास की चर्चा अब होगी, साथ ही बहुत जल्द सम्बंधित विभागों के बड़े अधिकारी का आगमन और विकास की बातें “कुन्दरी लाह बागान” में होगी। माननीय मंत्री जी ने स्थानीय ग्रामीणों के मूल समस्या को भी सुना और उसे दूर करने का भरोसा दिलाया।
कमलेश सिंह ने कुन्दरी लाह बागान के इतिहास बताते हुए कहा कि वर्तमान में 90000 पलाश वृक्ष, 5 बड़े आहर रकबा 8-9 एकड़ प्रति आहर है। इसके उपयोग से पलाश वृक्षो में उत्पादित लाह को नमी बनाए रखने में किया जाता है। इसी के साथ इसके सौंदर्यीकरण से ईको फ्रेंडली पार्क बनाया जा सकता है। पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास की उम्मीद है। इस बागन को पुनर्जीवित करने से पलामू क्षेत्र में 50000 हज़ार से भी ज्यादा किसानों को रोजगार मिलेगा, कुन्दरी लाह बागान को “ब्रूड बैंक” के रूप में विकसित करके पूरे झारखण्ड में रंगीनी लाह की खेती को बढ़ाया जा सकता है। सैकड़ो लघु – कुटीर उद्योग की स्थापना से पलामू की प्राकृतिक विरासत पलाश से स्वरोजगार सृजन होगा। इसके सहयोग से हज़ारो किसान परिवारों के आय में पांच गुणा वृद्धि करके यहां की पलायन, बेरोजगारी की समस्या कम किया जा सकता है। किसानों की आर्थिक, समाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य इत्यादि की सुविधाओं में सुधार होगा।
उद्घोष फाउंडेशन के कमलेश सिंह ने ग्रामीणों की तरफ से कुन्दरी लाह बागान के पूर्ण विकास के लिए मांग पत्र सौपते हुए कहा कि वन विभाग इसे विकसित अब तक करने में सक्षम नही है, अपनी गलतियों छिपाने के लिए ग्रामीणों पर गलत आरोप लगाया जाता है। इसलिए यह बागान हमलोगों को सौप दिया जाए और माननीय मंत्री जी की अध्यक्षता में इसका मोनिटरिंग हो, साथ मे पलामू उपायुक्त, वन विभाग, ICAR – NISA, JASCOLAMPF जैसे राज्यस्तरीय संस्था समिति में सम्मिलित हो।
माननीय संसदीय कार्य मंत्री, अरुण सिंह, अविनाश वर्मा, लव मेहता, आलोक श्रीवास्तव, लक्ष्मण जी, बिनोद कुमार, ईश्वरी राम, नागेन्द्र पाल, शुभम ठाकुर, रीता, सुनीता देवी, इत्यादि सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।










