मांडू में बुजुर्ग की मौत, स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर परिजनों का आरोप
मांडू (आजाद सिपाही)। मांडू चट्टी में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 75 वर्षीय नजीर मियां दोपहर करीब 3 बजे दातून तोड़ने घर से निकले और देर शाम तक वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद परिजनों को सूचना मिली कि मांडू रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक बुजुर्ग घायल अवस्था में पड़े हैं। मौके पर पहुंचकर मो इदरीश ने उनकी पहचान अपने पिता नजीर मियां के रूप में की।गंभीर रूप से घायल नजीर मियां को तुरंत मांडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। परिजनों के अनुसार, उस समय उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल में मौजूद चिकित्सक करीब आधे घंटे देर से पहुंचे। चिकित्सक के इंतजार में ही नजीर मियां ने स्ट्रेचर पर दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। समय पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है।कांग्रेस जिला महासचिव मो मिस्टर आलम ने स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दो माह पहले भी मो मुबारक की मां को समय पर चिकित्सकीय सहायता न मिलने से जान गंवानी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी नजीर मियां को अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सक मौजूद नहीं थे, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।मिस्टर आलम ने ड्यूटी पर मौजूद रहने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को डॉक्टरों की अनुपस्थिति का वीडियो भेजा है और उपायुक्त को भी पूरे मामले की जानकारी देकर कार्रवाई करने की मांग की है।ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति और आपातकालीन सेवा को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।










