भारत सरकार (गृह मंत्रालय) कमांडेंट कार्यालय, सशस्त्र सीमा बल 32वीं वाहिनी ने दस दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

लातेहार।लातेहार में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा 10 दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ। भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष नक्सल / वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न योजनाएँ संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम, मानव संसाधन विकास कार्यक्रम, मानव चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविर, आवश्यक सामग्री वितरण कार्यक्रम आदि के आयोजन हेतु राशि का प्रावधान किया जाता है, ताकि सुदूरवर्ती एवं वामपंथ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले गरीब ग्रामीण युवक एवं युवतियों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।
इसी क्रम में उच्च मुख्यालय द्वारा 32वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (SSB), लातेहार को नागरिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित करने हेतु निर्देश प्राप्त हुए। इन निर्देशों के अनुपालन में राजेश सिंह, कमांडेंट, 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में दिनांक 23 दिसंबर 2025 को ई-समवाय, बरेसाड़ में 10 दिवसीय कृषि (खेती-बाड़ी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत एवं सफल शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में श्री मृत्यंजय कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञानंकेंद्र, प्रभात कुमार दास, थाना प्रभारी (बरेसाड़), सुभाष कुमार सिंह, मुखिया -मायापुर पंचायत, मीडियाकर्मी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा स्थानीय ग्रामीण और बलकार्मिक उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम में लातेहार जिले के गारू प्रखंड के विभिन्न गांवों —रामसैली , डारकोंचा, जामुनताड़, मायापुर, पहाड़कोंचा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुल 50 ग्रामीणों एवं युवा किसानों द्वारा सहभागिता की जा रही है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्री राजेश सिंह, कमांडेंट, 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, लातेहार ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर जन-कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें बौद्धिक विकास, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, उन्नत कृषि तकनीक, महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं के लिए कौशल विकास, मानव एवं पशु चिकित्सा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशा मुक्त भारत, भारत के वीर, एक भारत श्रेष्ट भारत, सुकन्या समृद्धि योजना, वृक्षारोपण अभियान जैसी सरकारी योजनाओं के प्रति भी जन-जागरूकता बढ़ाई जा रही है.उन्होंने कहा कि आज आमलोग यहाँ कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करने जा रहे हैं और हम सभी जानते हैं कि कृषि क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं टिकाऊ आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। आज के समय में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने आगे कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को आधुनिक खेती-बाड़ी, उन्नत फसल प्रबंधन, नवीन कृषि तकनीकों तथा व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराएगा, जिससे वे वैज्ञानिक तरीके से खेती कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि “यह पहल न केवल ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाएगी,बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि से संबंधित निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी. मिट्टी परीक्षण एवं भूमि की उर्वरता बढ़ाने के उपाय
• उन्नत एवं प्रमाणित बीजों का चयनफसल चक्र एवं बहुफसली खेती
• जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियाँ
• उर्वरक एवं कीटनाशक प्रबंधन
• आधुनिक कृषि तकनीक एवं कृषि उपकरणों का प्रयोग प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि प्रतिभागी प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठा सकें।वामपंथ प्रभावित क्षेत्रों में बेरोजगारी एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक चुनौती बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा आयोजित यह कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को व्यावसायिक कौशल, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण एवं आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल है32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी ग्रामीणों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से इस प्रकार के जनकल्याणकारी एवं कौशल विकास कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
यह 10 दिवसीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीणों को सशक्त बनाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने एवं आर्थिक अवसरों के सृजन की दिशा में 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सामाजिक प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक उदाहरण है, जो क्षेत्र में स्थायी विकास एवं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेगा। साथ ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित करना तथा स्थानीय नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करना है ।
यह पहल न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है, बल्कि सशस्त्र सीमा बल की जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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