बेरोजगार युवाओं व विस्थापितों के हक की लड़ाई को मिलेगा नया आयाम
भुरकुंडा भारतीय नौजवान सेना ने सोमवार से एक महीने का सदस्यता अभियान शुरू किया। रिवर साइड, पटेलनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में संगठन के पदाधिकारियों ने घर-घर जाकर युवाओं को जोड़ने की पहल की। संगठन के अध्यक्ष विश्वरंजन सिन्हा ने बताया कि आने वाले एक वर्ष में 10 हजार युवाओं को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नाम पर लगातार ठगा जा रहा है, जबकि विस्थापितों को आज तक उनका उचित हक नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि जिन उद्योगों के लिए ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की गई, उन्हें न तो पूरा मुआवजा मिला और न हीं नियोजन। कंपनियां दलालों के जरिए मनमानी कर रही हैं। आउटसोर्सिंग कंपनियां नियमों को तोड़कर काम करा रही हैं, जबकि स्थानीय मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिलती। कई जगहों पर पीएफ घोटाले जैसी शिकायतें भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को बाहरी-भीतरी की राजनीति में फंसाकर उनके अधिकारों से दूर रखा गया है और रोजगार का मुद्दा सिर्फ चुनावी नारा बनकर रह गया है। संगठन का उद्देश्य है कि बेरोजगार युवाओं और विस्थापितों को एक मंच पर लाकर उनकी लड़ाई को मजबूती दी जाए। आगामी वर्ष को संगठन ने आंदोलन वर्ष घोषित किया है। मौके पर सचिव रौशन नायक, कोषाध्यक्ष इमरोज़ खान, उपाध्यक्ष विश्वनाथ भुइयां उर्फ अजय, राज अमन, अजय सिंह, राहुल सिंह, राजन पांडेय, बबलू भुइयां सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।










