बुनियादी सुविधाओं के लिए जनता दर दर भटकने को मजबूरः निवास मंडल

नगर परिषद कार्यालय के समक्ष भाजपा की ओर से सोमवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से लंबित नगर निकाय चुनाव को दलीय आधार पर ईवीएम के द्वारा अविलंब कराने की मांग को लेकर आयोजित किया गया। धरना में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य निवास मंडल, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष संपा साहा उपस्थित हुए। धरना कार्यक्रम के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन नगर परिषद पदाधिकारी को सौंपा गया। निवास मंडल ने बताया कि महामहिम के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पिछले दो वर्षों से राज्य में निकाय चुनाव लंबित है। जन प्रतिनिधियों के अभाव में नगर निकायों की स्थिति बदतर बनी हुई है। पदाधिकारियों की मनमानी से आम जनता परेशान है। बुनियादी सुविधाओं के लिए जनता दर दर भटकने को मजबूर है। पिछले 2018 के अप्रैल में राज्य में रघुवर सरकार ने निकाय चुनाव संपन्न कराए थे। यह चुनाव दलीय आधार पर ईवीएम मशीन के द्वारा कराया गया था।पिछले 6 वर्षों से राज्य में हेमंत सरकार को जनभावनाओं से कुछ लेना देना नहीं है। विधान सभा चुनाव में दो बार लुभावने वादों के सहारे जीत दर्ज करने वाली झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार जनता को धोखा दे रही है। हेमंत सरकार ने पंचायत चुनाव को बिना पिछड़ों के आरक्षण दिए कराकर पिछड़ा समाज की हकमारी की और ट्रिपल टेस्ट के नाम पर दो वर्षों से निकाय चुनाव टालती रही।
न्यायालय के दबाव में ट्रिपल टेस्ट को जैसे तैसे पूरा करने के बाद भी राज्य सरकार निकाय चुनाव में लोकतंत्र का गला घोंटने की योजना बना रही है। 2018 में पारित नियमावली को बदलकर यह सरकार निकाय चुनाव को दलीय आधार पर नहीं कराना चाहती है, साथ ही ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराने की योजना बना रही है। पूरा देश तकनीक के माध्यम से सरकारी तंत्र को अधिक से अधिक जोड़ने पर बल दे रहा है। जिसके कारण भ्रष्टाचार पर लगाम लगता है, कार्यों को गति मिलती है। डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का भुगतान, ईवीएम के माध्यम से ही लोकसभा, विधानसभा के चुनाव को कराया जाना डिजिटल भारत को बल प्रदान करते हैं। जिस ईवीएम को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश इंडिया गठबंधन करता है वह उसी ईवीएम के परिणाम से सत्ता में बने हैं। निकाय चुनाव नहीं होने से केंद्र से प्राप्त होने वाले करोड़ों रुपए के अनुदान से राज्य को वंचित होना पड़ रहा है। हेमंत सरकार की मंशा बैलेट के माध्यम से पदाधिकारियों को टूल्स बनाकर निकाय चुनाव में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का है। पंचायत चुनाव में ऐसे अनेक उदाहरण जनता के बीच है। इस संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देने की कृपा की जाए। मौके पर प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी, जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र त्रिवेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेकानंद तिवारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुग्रहित प्रसाद साह, मीरा प्रवीण सिंह, कामेश्वर दास, शर्मिला रजक, शबरी पाल, दीपक साहा, विश्वनाथ भगत, जयंत मंडल, पार्थ रक्षित, सपन कुमार दुबे, अशोक प्रसाद, पवन भगत, अजित रविदास, हिसाबी राय मौजूद थे।

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