पेसा अधिनियम की 29वीं वर्षगाँठ पर 24 दिसंबर को उपवास की घोषणा

 

झारखंड नवनिर्माण अभियान एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में मऊभण्डार मैदान में एक बैठक संपन्न हुई। बैठक में 24 दिसम्बर 2025 को पेसा (PESA) अधिनियम की 29वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड नवनिर्माण अभियान के अध्यक्ष श्री मदन मोहन सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 24 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक पेसा अधिनियम की नियमावली का लागू न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में आदिवासी एवं मूलवासी समुदाय अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हैं तथा उनकी परंपरा, संस्कृति और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मान्यता नहीं मिल पा रही है। झारखंड हाई कोर्ट के आदेश को भी नजर अंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि पेसा अधिनियम को लागू कराने की यह लड़ाई अब गाँव-गाँव तक जनजागरण अभियान के माध्यम से पहुँचाई जाएगी। आने वाले दिनों में एक जोरदार जन आंदोलन की मजबूत बुनियाद रखने हेतु रणनीति तैयार की गई है।

पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा,
जल–जंगल–जमीन पर स्वशासन सुनिश्चित करना तथा
पेसा (PESA) अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू कराना।
बैठक में प्रमुख रूप से मदन मोहन सोरेन, मिथुन मुर्मू, मुकेश कर्माकर, सुनील मार्डी, मानसिंह मुर्मू, तूफान हेम्ब्रम, रसराज गोप, पप्पू सोरेन, राजेश सोरेन, भीम करवा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *