परसुडीह के बारिगोडा फाटक पर दर्दनाक हादसा, 17 वर्षीय किशोरी की मौत

परसुडीह थाना क्षेत्र के बारिगोडा फाटक के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोरी अंजलि ठाकुर की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब राहरगोड़ा निवासी संतोष कुमार ठाकुर की पुत्री अंजलि ठाकुर अपनी छोटी बहन के साथ स्कूटी संख्या JH05DN3664 से बाजार की ओर जा रही थी। इसी दौरान राहरगोड़ा से साकची की ओर जा रही एक बस ने स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही अंजलि ठाकुर की मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को तुरंत इलाज के लिए टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मृतिका अंजलि ठाकुर अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके असमय निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंजलि के पिता संतोष कुमार ठाकुर पेशे से सैलून चलाते हैं। जैसे ही उन्हें हादसे की सूचना मिली, वे बदहवास हालत में घटनास्थल पर पहुंचे। बेटी का शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने रेलवे ट्रैक और सड़क को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मृतिका के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी बस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि बारिगोडा फाटक के पास आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही मौके पर मुखिया सुनीता नाग पहुंचीं और आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। वहीं परसुडीह थाना की पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और लोगों से बातचीत कर जाम हटवाने का प्रयास किया।
प्रशासन की ओर से लोगों को आश्वासन दिया गया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी, पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस बल तैनात है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि बारिगोडा फाटक के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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