नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मुसाबनी आगमन की याद में संघ करेगा 5 दिसंबर को रक्तदान शिविर का आयोजन
मुसाबनी संवाददाता। साहित्य संस्कृत संघ की एक बैठक संघ के कार्यालय मुसाबनी माइंस इंटर कॉलेज के समीप शुक्रवार को डॉक्टर एमएम पात्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस बैठक में संघ से जुड़े संगीता मंडल, कल्पना बोस, कृष्ना घोष, बिनापानी खाँ, सोमा महतो, प्रतिभा साव, शांतनु पत्रों, टुंपा मंडल, रेखा मंडल, दिलीप घोष, मौसमी सासमल, सनातन दास, अरुण दे, गणेश नायर, मोहन पात्रा, संतोषी भट्टाचार्य शामिल हुए। बैठक में डॉक्टर एमएम पात्रा द्वारा बताया गया कि 5 दिसंबर 1939 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मुसाबनी आगमन हुआ था। यहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। इस अवसर पर उन्हें बताया गया कि आईसीसी जो उस समय ब्रिटिश कंपनी थी, उसके द्वारा यहां कार्य करने वाले मजदूरों को रोजाना मजदूरी दी जाती है, अगर वह काम पर किसी कारण से नहीं आते थे तो उन्हें मजदूरी नहीं मिलती थी, इस पर उन्होंने प्रबंधन से वार्ता कर मजदूरों को मासिक वेतन दिलाने पर कंपनी प्रबंधन को राजी किया था, वही नियम आज तक चल रहा है। उस समय मजदूर संगठित नहीं थे, जिसके कारण प्रबंधन द्वारा उनका शोषण किया जाता था। मजदूरों को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने मुसाबनी में उसे समय के बड़े मजदूर नेता अब्दुल बारी के साथ मिलकर यहां यूनियन का गठन किया था, ताकि मजदूरों की आवास उठाई जा सके। डॉक्टर एमएम पात्रा ने बताया कि इस ऐतिहासिक पल को साहित्य संस्कृत संघ हर वर्ष विशेष रूप से याद करता है, इस वर्ष संघ ने निर्णय लिया है कि 5 दिसंबर को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारी बैठक कर रूपरेखा तैयार की गई है। इसका प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है। लोगों से रक्तदान करने की अपील भी की जा रही है। इस रक्तदान शिविर में कुड़मी सांस्कृतिक विकास समिति झारखंड व ब्रह्मानंद ब्लड बैंक द्वारा सहयोग किया जाएगा, और इस ऐतिहासिक पल को रक्तदान जो महादान है करके इसे यादगार बनाया जाएगा।
फोटो। 5 दिसंबर को होने वाले रक्तदान शिविर को लेकर तैयारी बैठक में उपस्थित संघ के पदाधिकारी










