चुरचू में किसानों के लिए भेजे जा रहे बीज को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने उठाए कालाबाजारी के आरोप, कृषि पदाधिकारी ने सभी दावे नकारे

चरही(हजारीबाग)। चुरचू प्रखंड में बुधवार की शाम सरकारी बीज को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। प्रखंड मुख्यालय से निकल रही बिना नंबर प्लेट की एक पिकअप वैन को ग्रामीणों ने शाम करीब 6:30 बजे रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गेहूं और सरसों के बीज, जिन्हें किसानों के बीच वितरण किया जाना था, उन्हें कथित तौर पर कालाबाजारी की नीयत से ले जाया जा रहा था।
ग्रामीणों का कहना है कि बीज वितरण के लिए प्रशासन द्वारा समय निर्धारित किया गया है, लेकिन देर शाम अंधेरे में गुपचुप तरीके से बीज ले जाना कई संदेह खड़े करता है। स्थिति संदिग्ध लगने पर ग्रामीणों ने बीज से भरी गाड़ी को चुरचू थाना के हवाले कर दिया।
गुरुवार को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण चुरचू थाना पहुंचे और प्रखंड कृषि पदाधिकारी काशी नाथ गुप्ता के खिलाफ लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय बंद होने के बाद बीज को कहीं और भेजने की कोशिश की जा रही थी।
इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी काशी नाथ गुप्ता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। बीज को आंगो क्षेत्र के किसानों के बीच वितरण के लिए ले जाया जा रहा था। देर शाम इसलिए भेजा गया क्योंकि अगले दिन सुबह किसानों को समय पर वितरण सुनिश्चित करना था। इसमें किसी भी तरह की कालाबाजारी नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग हमेशा पारदर्शिता के आधार पर कार्य करता है और जांच में तथ्य स्वयं स्पष्ट हो जाएंगे।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के बाद मामला और गरमाया है। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बीज भेजे जाने का उद्देश्य क्या था और आरोपों में कितनी सच्चाई है यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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