चंदवा लोहरदगा मुख्य सड़क पर डेढ़टगंवा घाटी में ट्रकव कार में भिड़ंत कार सवार की मौत, तीन घायल
चंदवा। चंदवा लोहरदगा मुख्य मार्ग पर डेढ़तंगवा घाटी में शुक्रवार की शाम लोहरदगा जेरियो निवासी अजय प्रसाद साहू अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह से घर लौट रहे थे। घर लौट के क्रम में डेढ़ तंगवा घाटी में विपरीत दिशा से आ रही एक ट्रक अनियंत्रित हो गई और अजय प्रसाद साहू की गाड़ी के ऊपर आ गई। जिससे अजय प्रसाद साहू की गाड़ी ट्रक से दब जाने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना होने के बाद आसपास के लोग घटना स्थल पर जुटे और इसकी सूचना चंदवा थाना प्रभारी रणधीर कुमार को दिया। इधर सूचना मिलने के बाद रणधीर कुमार अपने पुलिस टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। वही अजय प्रसाद साहू के परिजनों गाड़ी से बड़ी मशक्कत से निकाला गया और अजय प्रसाद साहू खुद गाड़ी चला रहे थे वह ट्रक से दब गए थे। जिससे पुलिस की टीम ने हाइड्रा के मदद से उन्हें निकाला परंतु दब जाने के कारण अजय प्रसाद साहू को जीवित बचने में असफल रहे। बताते चले की डेट तंगवा घाटी मौत का घाटी साबित होता दिखाई पड़ रहा है। क्योंकि जब से यह लोहरदगा चंदवा सड़क बनी है तब से हजारों की संख्या में दुर्घटना होती है और दुर्घटना होने के बाद शायद ही कोई बच पाता है नहीं तो मृत्यु निश्चित ही है। जिससे आसपास के लोग डेढ़ तंगवा घाटी को मौत का घाटी नाम दे रखा है। वही स्थानीय लोग राज्य सरकार से यह हमेशा मांग करते हैं कि घाटी का बहुत ऊंचाई होने के कारण यह ऐसी दुर्घटना लगभग महीना में 5 से 10 बार होती है और बड़ी मुश्किल से लोग इधर से गुजरते हैं थोड़ा सा भी अनियंत्रित होती है तो दुर्घटना के साथ-साथ मृत्यु होने की संभावना प्रबल रहती है। राज्य सरकार इस पर पहल कर सड़क को सुलभ बनाए और आम जनता जो आना-जाना करे। इधर शुक्रवार की शाम घटना होने के बाद लोहरदगा जरियो से काफी लोगों की संख्या अजय प्रसाद साहू के दुर्घटना होने की सूचना पर जुट गए थे। अजय प्रसाद साहू मृदु भाषी के साथ-साथ एलआसी एजेंट के रूप में भी कार्य करते थे। जिससे लोहरदगा जिला में उनकी एक अलग पहचान थी। जो लोग भी घटनास्थल पर आए हुए थे। सभी लोग अजय प्रसाद के नहीं रहने का बहुत ही चिंता व्यक्त कर रहे थे।









