ग्रामीणों व प्रबंधन के बीच वार्ता विफल
खलारी । मैक्लुस्कीगंज–पिपरवार रेल लाइन फेज-वन के रैयतों की नौकरी से संबंधित मांगों को लेकर शुक्रवार को पिपरवार एरिया प्रबंधन और रैयत विस्थापित मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में ग्रामीणों ने रेल लाइन फेज-वन के रैयतों को नौकरी देने के संबंध में प्रबंधन से स्पष्टीकरण और ठोस कार्रवाई की मांग की। पिपरवार एरिया के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि दो ग्रामीणों की फाइल रांची भेजी गई है, जो एक-दो दिनों में वापस आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन इस दिशा में लगातार प्रयासरत है। महाप्रबंधक ने ग्रामीणों से आंदोलन स्थगित करने का आग्रह करते हुए कुछ समय देने की अपील की ।हालांकि, रैयत विस्थापित मोर्चा एवं ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि इससे पहले भी दो बार आंदोलन के दौरान प्रबंधन ने समय मांगकर आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से उनकी फाइलें कार्यालयों में दबकर रह जाती हैं और नौकरी का मामला आगे नहीं बढ़ पाता। ग्रामीणों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जब तक ठोस पहल और नौकरी सुनिश्चित नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 24 नवंबर को हर हाल में रेल लाइन बंदी की जाएगी। बैठक में अशोक परियोजना पदाधिकारी जे.के. सिंह, एलएंडआर विभाग के राजीव रंजन, सुरक्षा अधिकारी हेमचंद्र महतो उपस्थित थे। ग्रामीणों की ओर से रैयत विस्थापित मोर्चा रोहिणी करकट्टा ओसीपी शाखा अध्यक्ष शिवनारायण लोहरा, हेमलाल गंझू, कृष्णा भोगता, सुकर गंझू, विनय टोप्पो, सुशील मुंडा, ताहिर अंसारी, भरत महतो सहित कई लोग मौजूद रहे।










