गहरा रिश्ता रहा है भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और बहरागोड़ा का
बिहार के बांकीपुर से पांच बार विधायक रहे नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी के सर्वोच्च पद पर उनकी नियुक्ति कई महारथियों के लिए झटका हो सकता है लेकिन बिहार की राजधानी पटना में जिस प्रकार से खुशी की लहर है कमोवेश बहरागोड़ा के बाजार क्षेत्र के लोगों में भी वैसी ही खुशी की लहर दिखाई पड़ रही है।
ख़ासकर 45 से 58 आयु वर्ग के लोगों में उनके नाम की घोषणा के साथ चर्चा तेज हो गई। लोगों को सहजता से विश्वास नहीं हो रहा था कि नितिन भाजपा जैसे सबसे बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित हो चुके हैँ। नितिन नवीन मूलत: पटना के रहने वाले हैं।
बात 1982 से लेकर 93 तक की है जब गर्मी एवं अन्य छुट्टियों में नितिन जी बहरागोड़ा में अपना ज्यादा समय गुजारते थे। यहां तब के किशोर एवं युवाओं के साथ नितिन सेवेन ग्राउंड में क्रिकेट खेलते नजर आते थे। उसे समय के उनके साथ के खिलाड़ी एवं मित्रों में काफी खुशी है। दरअसल उनके चाचा पीके सिन्हा और उनकी चाची श्रीमती रीता सिन्हा बहरागोड़ा महाविद्यालय में प्राध्यापक के तौर पर पदस्थापित थे l उनके चाचा राजनीति विज्ञान के अध्यापक थे तो चाची इतिहास विभाग में एडहॉक प्राध्यापक के तौर पर कार्य कर रही थी। इस दरमियान उनके पिता नवीन जी और नितिन जी अक्सर बहरागोड़ा आते थे।
नितिन जी से उम्र में थोड़े बड़े लेकिन चाचा के विद्यार्थी रहे युवाओं के साथ उनका गहरा रिश्ता था। नितिन जी के तब के कुछ मित्र ही ही कालांतर में बहरागोड़ा में भाजपा के ध्वजवाहक बने। तपन कुमार ओझा ने बहरागोड़ा से भाजपा के प्रथम उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था जो युवावस्था के उनके दोस्त हैँ और साथ में क्रिकेट खेलते थे l सुमन कल्याण मंडल, मृणालकांति दे ( अब स्वर्गीय ) समेत दर्जनों लोगों ने नितिन नबीन के मनोनयन पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए पुराने समय की यादों को ताज़ा किया l इसके अलावे, नितिन जी का बहरागोड़ा के एक परिवार विशेष काफी गहरा रिश्ता रहा है। वह परिवार राय परिवार है जिनका पेशा चांदसी चिकित्सा है। विधान चंद्र राय इस परिवार से हैं और उसे समय पीके सिन्हा और रीता सिन्हा के अत्यंत करीब थे। सिन्हा जी और राय जी के बीच का रिश्ता साल और बहनोई जैसा था l इसलिए नितिन जी राय जी को मामा कहकर बुलाते थे। बहरागोड़ा
बाजार क्षेत्र में दर्जनों लोग हैं जो नितिन नबीन को किशोर
अवस्था से जानते हैं। प्रो पी के सिन्हा के निधन के बाद बहरागोड़ा आना उनका बंद हो गया। चाची प्रो रीता सिन्हा की नियुक्ति बाद में रांची कॉलेज में हो गई थी। इस प्रकार से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बहरागोड़ा के साथ गहरा संबंध है।









