खराब सड़क को लेकर आदिम जनजाती सबर परिवार के लोग परेशान।
जमशेदपुर…आदिम जनजाती सबर परिवार के लोगो को मुख्य सड़क तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं।…मुश्किल में जी रहे यह परिवार।
आजादी के बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही पोटका प्रखंड के भाटीन पंचायत के झरिया सबर बस्ती जहाँ 22 सबर परिवार रहते हैं, लेकिन मुख्य सड़क तक पहुँचने के लिए आज तक एक इंच पक्की सड़क नहीं बनी। बारिश में कीचड़, गर्मी में धूल हर मौसम में मुसीबत हमेसा रहती हैं बस्ती के लोग कीचड़ वाली पगडंडी से चलते हैं और लोग मरीज को खटिया पर ले जाते हैं बारिश के दिनों में यह रास्ता कीचड़ से भर जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज को अस्पताल तक पहुँचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि कई बार प्रस्ताव बने, सर्वे हुआ, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हुआ।हम लोग सबर आदिम जनजाति के हैं। बहुत परेशानी है। बारिश में कोई आता-जाता नहीं। एम्बुलेंस भी नहीं आ पाती। सरकार से गुजारिश है कि हमारे लिए पक्की सड़क बनवा दें।…. मैं बता दूँ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हो या राज्य सरकार की कोई योजना, कागजों में तो कई बार यह बस्ती चिन्हित हुई, लेकिन धरातल पर आज तक सड़क नहीं बना, आखिर कब तक आदिम जनजाति के ये परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहेंगे?
सवाल यह है कि जब देश डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की बात कर रहा है, तब हमारे आदिम जनजाति समुदाय के लोग पगडंडियों पर जीवन गुजारने को मजबूर क्यों हैं? प्रशासन अब भी नहीं जागा तो हम फिर उठाएंगे यह सवाल।…. बिनोद केसरी पत्रकार जमशेदपुर।










