कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर मे सप्तशक्ति संगम का आयोजन

विद्या विकास समिति, झारखंड द्वारा आयोजित सप्तशक्ति संगम का आयोजन कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर, झुमरी तिलैया में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय समिति की सदस्य मिनी हिसारिया ने कार्यक्रम की प्रस्तावना को रखते हुए कहा मातृशक्ति से ही समाज का विकास एवं कल्याण संभव है। भारतीय नारी समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की आत्मा है। मौके पर सप्तशक्ति संगम की हज़ारीबाग विभाग की बालिका शिक्षा पुनम सिंह ने कुटुंब प्रबोधन में भारतीय दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए कहा कहा की नारी अगर सप्त गुण को जागृत कर लें तो वो संसार में परिवर्तन ला सकती है। माताओं में स्वावलंबन के साथ सप्त गुण कीर्ति, श्री, धन, वाणी, स्मृति, धैर्य और क्षमा के साथ- साथ चलें तो वें अपने परिवार व समाज और देश का भी विकास करा सकती है। उन्होंने कहा कि नारी के लिए पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन ,स्व का बोध, नागरिक कर्तव्य एवं पर्यावरण संरक्षण पालन कर देश को प्रगति के राह पर ले जा सकते हैं साथ ही गिरिडीह जिला की सप्तशक्ति संगम की संयोजिका स्वाति सिंहा ने देश की वर्तमान स्थिति में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा की मातृशक्ति से ही समाज का विकास एवं कल्याण संभव है । यह कार्यक्रम मातृशक्ति के जागरण का है। आज राष्ट्र को मां जीजाबाई जैसी मातृत्व देने वाली व अहिल्याबाई जैसी कर्तव्य परायण नारी चाहिए, जो राष्ट्र का नवनिर्माण कर भारत को परम वैभव तक पहुंचने में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े। माताओं को अपनी शक्ति की पहचान करने के उद्देश्य से इस सप्तशक्ति संगम का आयोजन हुआ । कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी एवं प्रेरणादाई महिलाओं के संदेश वेशभूषा के साथ की प्रस्तुति हुई साथ ही समाज मे विशेष उपलब्धि वाले दो महिला मंजु देवी तथा रंजु देवी को भी सम्मानित किया गया l अध्यक्षीय आशीर्वचन शारदा गुप्ता जी ने कहा की सप्तशक्ति से ही समाज का कल्याण होगा शिशुओं के सर्वांगीण विकास में माता की सर्वप्रथम भूमिका होती है । अतिथियों का परिचय एवं स्वागत श्वेता दीदी जी, आभार ज्ञापन शर्मिष्ठा साहा , संकल्प पूनम सिंह एवं मंच संचालन विद्यालय की सप्तशक्ति संगम की संयोजिका अर्चना सिंहा जी ने किया । मौके पर लगभग 300 माताएं विद्यालय के प्राचार्य आनंद मोहन, विद्यालय समिति सदस्य डॉ मीनाक्षी गुप्ता, दीदी कुमारी रानी प्रसाद, सोनी कुमारी, चंद्रकावेरी निहाल, संजना कुमारी, रिमझिम कुमारी, मोनिका कुमारी आदि दीदी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

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