काम की खबर! अब आधार-PAN कार्ड, पहचान पत्र के रूप में नहीं होंगे मान्य, 5 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए जरूरी होंगे यह दस्तावेज़

UIDAI ने आधार पंजीकरण और अपडेट प्रक्रिया में कई अहम बदलाव लागू किए हैं. नए निर्देशों के अनुसार अब PAN कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके अलावा स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट और डिसेबिलिटी कार्ड को भी पहचान के दस्तावेज़ों की सूची से हटा दिया गया है. ये नए नियम पूरे देश में तुरंत लागू कर दिए गए हैं.

UIDAI की नई गाइडलाइन में बताया गया है कि पहले PAN कार्ड का उपयोग जन्म तिथि में सुधार के लिए भी किया जा सकता था, लेकिन इस सुविधा को पहले ही बंद किया जा चुका था. अब पहचान के प्रमाण के तौर पर भी इसका इस्तेमाल पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है.

बैंक पासबुक को लेकर भी बदलाव किया गया है. अब पासबुक को केवल पते के प्रमाण के रूप में मान्यता दी जाएगी. आधार रजिस्ट्रेशन या अपडेट के लिए इसे पहचान दस्तावेज़ के रूप में नहीं माना जाएगा.

दिव्यांग व्यक्तियों के लिए प्रक्रिया और सख्त की गई है. अब 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांग व्यक्ति का आधार बनवाने या अपडेट कराने के लिए डिसेबिलिटी कार्ड के साथ जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाला सत्यापन दस्तावेज़ अनिवार्य होगा. पहले केवल डिसेबिलिटी ID काफी माना जाता था.

5 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए भी नियम पूरी तरह बदल दिए गए हैं. इस आयु वर्ग में अब आधार केवल जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही बनाया जाएगा. राशन कार्ड, CGHS कार्ड और मार्कशीट जैसे दस्तावेज़ अब मान्य नहीं रहेंगे.

नाम परिवर्तन से जुड़े नियमों में कुछ राहत दी गई है. गजट नोटिफिकेशन के आधार पर नाम बदलने पर अब पुराने नाम वाले किसी पहचान पत्र को दिखाना आवश्यक नहीं होगा. हालांकि PAN कार्ड से नाम में सुधार की सुविधा खत्म कर दी गई है.

UIDAI का कहना है कि इन सभी बदलावों का उद्देश्य आधार डेटाबेस को अधिक सटीक, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है. भविष्य में भी कुछ और तकनीकी बदलाव किए जा सकते हैं.

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