कंबल वितरण नहीं होने से ठिठुर रहे ग्रामीण, 7–8 डिग्री पर पहुंचा पारा
प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में इस वर्ष अब तक कंबल वितरण का आवंटन नहीं होने के कारण जरूरतमंदों तक कंबल नहीं पहुंच पाया है। इधर, क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप और बढ़ जा रहा है।पूरे प्रखंड क्षेत्र में लगातार कोहरा और कुहासा छाया हुआ है। घनी धुंध के कारण सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क पर चलना भी जोखिम भरा हो गया है। ठंड और कोहरे का सबसे अधिक असर गरीब, असहाय, वृद्ध, दिव्यांग और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। कंबल नहीं मिलने से ये लोग रातें ठंड में काटने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष ठंड के मौसम में प्रशासन की ओर से कंबल वितरण किया जाता रहा है, जिससे गरीब तबके को राहत मिलती थी। लेकिन इस वर्ष अभी तक न तो कंबल का आवंटन हुआ है और न ही वितरण की कोई तिथि तय की गई है। इससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई गांवों में लोग आग तापकर और पुराने कपड़ों के सहारे ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों के मामलों में भी इजाफा होने लगा है। खासकर खुले में रहने वाले लोग और दिहाड़ी मजदूर सबसे अधिक परेशान हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से शीघ्र कंबल आवंटन कर वितरण शुरू करने की मांग की है, ताकि ठंड से राहत मिल सके।यदि जल्द ही कंबल वितरण नहीं हुआ तो ठंड के चलते हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित पहल की आवश्यकता महसूस की जा रही है।










