आदिवासी संगठनों ने सरना स्थल, मुरपा में की बैठक,
कुजू। आदिवासी संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक सरना स्थल, मुरपा में हुई। बैठक की अध्यक्षता राजी पड़हा प्रार्थना सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज मुंडा ने की। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा शामिल रहे। मौके पर प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि आदिवासियों का अस्तित्व जमीन और धर्म से जुड़ा है, यदि जमीन और धर्म नहीं रहेगा तो आदिवासी तड़प-तड़प कर मरेंगे। उन्होंने आदिवासियों से जमीन लूट के खिलाफ चट्टानी एकता के साथ संघर्ष करने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही, कहा कि रामगढ़ क्षेत्र आदिवासियों का पारंपरिक इलाका रहा है, इसलिए यहां भूमाफियाओं के खिलाफ संगठित आंदोलन जारी रखें। बैठक में सर्वे सम्मति द्वारा आदिवासियों की जमीन सुरक्षा और आंदोलन को लेकर कई अहम निर्णय लिया गया। वहीं, कुजू स्थित मौजा-सांडी, थाना-मांडू, खाता नंबर 143, खाता नंबर 75, प्लॉट नंबर 627, कुल रकबा 84 डिसमिल में से 40 डिसमिल आदिवासी जमीन को बचाने के लिए वहां आदिवासी झंडा गाड़ा गया। झंडा उखाड़े जाने के विरोध में एक मार्च 2026 को आदिवासी आक्रोश महासभा आयोजित करने की घोषणा की गई। इस महासभा में राज्य के कोने-कोने से आदिवासियों को शामिल करने पर सहमति बनी। आदिवासियों की जमीन लूट के मुद्दे पर रामगढ़ जिला प्रशासन को सर्वे समिति द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही, रामगढ़ जिले को पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। रैली को सफल बनाने एवं जमीन संबंधी मामलों के निष्पादन हेतु रामगढ़ जिला स्तरीय कोर कमेटी का गठन किया जाएगा। आगामी 28 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय में जमीन लूट के खिलाफ विशाल मशाल जुलूस निकाले जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में जयवीर हांसदा, पंचदेव करमाली, सुनील मुंडा, प्रकाश मंडा, सुभाष उरांव, नागेश्वर मुंडा, नरेश मुंडा, हीरालाल मुर्मू, पवन करमाली, अशोक बेदिया, प्रदीप मुंडा समेत कई लोग शामिल रहे।










